Poems

मेरी रचनाओं का संकलन

छोटी सी जिंदगी है

प्रस्तावना : जीवन एक क्षणभंगुर यात्रा है, एक छोटी सी अवधि जिसमें हम अक्सर भौतिक सुखों के मायाजाल में उलझ जाते हैं। हम कमाने, पाने-खोने, ईर्ष्या-द्वेष, नुक्ताचीनी, लालसा, व्यभिचार इत्यादि में इतने व्यस्त हो जाते हैं कि जीवन के वास्तविक उद्देश्य को भूल जाते हैं। यह कविता भौतिकता की दौड़ पर एक विनम्र चिंतन है। यह हमें याद दिलाती है कि हम इस संसार में खाली हाथ ज़रूर आते हैं और खाली हाथ ही जाते हैं, लेकिन हमारे साथ एक अनमोल चीज़ होती है—हमारी आत्मा की पवित्रता। इन पंक्तियों का उद्देश्य किसी एक धर्म की बात करना नहीं, बल्कि जीवन के सार्वभौमिक सत्य को उजागर करना है। यह एक आह्वान है कि हम हर पल को पूरी जागरूकता और खुशी के साथ जिएं, दूसरों को क्षमा करें, और सबसे महत्वपूर्ण, अपनी आत्मा की शुद्धता को बनाए रखने के लिए खुद को और औरों को तैयार करें।

इस कविता की कुछ विशेषताएँ:

  • आपके जीवन की कहानी: इस कविता की हर पंक्ति आपके दैनिक जीवन के अनुभवों से जुड़ी हुई है। आप इसमें अपने संघर्ष, अपनी आशाएँ और जीवन के प्रति अपने सवालों के जवाब पा सकते हैं।

  • सरल भाषा, गहरा अर्थ: हमने जानबूझकर भाषा को सरल रखा है ताकि आप बिना किसी रुकावट के सीधे संदेश से जुड़ सकें। यहाँ हर शब्द में जीवन का एक गहरा सत्य छिपा है।

  • प्रेरणा की एक खुराक: जब आप निराश महसूस करें, तो ये पंक्तियाँ आपको फिर से उठने, खुश रहने और हर पल का भरपूर आनंद लेने की प्रेरणा देंगी।

  • भौतिकता से परे का सत्य: यह कविता आपको पैसे और दुनियावी चीज़ों के पीछे भागने से रोककर, आत्मा की पवित्रता और जीवन के वास्तविक उद्देश्य पर सोचने के लिए मजबूर करेगी।

  • शांति और संतोष: सुख और दुख को एक समान भाव से स्वीकार करने का संदेश आपको मानसिक शांति और संतोष की ओर ले जाएगा।


  • संदेश: आइए, इस छोटी सी ज़िंदगी के वास्तविक आनंद को पहचानें। हम आशा करते हैं कि यह कविता आपके हृदय को स्पर्श करेगी और आपको एक सार्थक जीवन जीने के लिए प्रेरित करेगी - ऐसा ही हो।



    जॉन अनुरंजन कुजूर
    24/11/2025

    छोटी सी जिंदगी है, जबरदस्त जिया करो।
    जीने का मजा, पल-पल - हर पाल लिया करो।

    कष्ट भले असहाय हो, छोटा ही समझा करो।
    परेशानी भले तबाह करे, खुश ही रहा करो।

    दोष मत देना औरों को, खुद निर्दोष रहा करो।
    समय निकल रहा है, कल को मुट्ठी में भर लिया करो।

    दुश्मनों से दोस्ती कर, उनको भी खुश कर लिया करो।
    उन्हें भी तेरे निश्चित मौत पर, मातम मनाने को तैयार कर लिया करो।

    बस आज या कल भर की बात है, तैयारी कर लिया करो।
    खुद की तैयारी के साथ साथ, औरों को भी तैयार कर दिया करो।

    जीने का मजा तब है, जब दुःख सुख एक ही अंदाज में जिया करो।
    स्वप्न देखो मगर इतना ही बड़ा, कि समय रहते पूरा कर लिया करो।

    जीवन छोटा मगर इतना अनमोल,
    कि दाता को पल-पल का जीवन समर्पित कर दिया करो।
    क्योंकि
    तुम खाली हाथ ही आये हो, खाली हाथ ही जाओगे,
    भौतिकता कमाओगे, और चौंक के जाओगे।

    मैं तुमसे कहता हूँ –
    तुम खाली हाथ नहीं, अपनी आत्मा की पवित्रता के साथ आए हो।
    उसी आत्मा की शुद्धता के साथ, जाने की तैयारी किया करो।

    ==> झारखंड तुझे शांति मिले, भारत तुझे शांति मिले, संपूर्ण विश्व को शांति - यही हमारी कामना है।